19+ Best Motivational Story In Hindi

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स्वागत है दोस्तो आपका हमारी वेबसाइट Hindi Whiz में आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए Motivational Story In Hindi लेकर आए है। कहानियो का हमारे जीवन में बहुत प्रभाव पड़ता है कहानी हमे सिख देती है जो समय समय पर काम में आती रहती है कहानियो में हमारी डेली लाइफ में आने वाली प्रोब्लेम्स का हल भी होता है जिसे हम आसानी से हल कर सकते है हमने निचे 18 Motivational Story हिंदी में दी है हम आशा करेंगे की आपको हमारी ये Story जरूरअच्छी लगेगी।

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✹ 19 Motivational Story In Hindi

कहानियों के माध्यम से बच्चे सकारात्मक मूल्य सीख सकते हैं। उन्हें मनुष्य के रूप में सुधारने के लिए। इसी कारण से, आप और मैं संभवतः हमारी दादी-नानी से राजाओं, परियों, जानवरों, पक्षियों और जिन्नों के बारे में कहानियाँ सुनकर बड़े हुए हैं। शायद यह उन कहानियों का जादू था जो हमें एक अजीब ब्रह्मांड में ले जाती थी, और कहानी का नैतिक आज भी हम दोनों की यादों में ताज़ा है।

Motivational Story In Hindi
Motivational Story In Hindi

#1. नदी का बाधा

एक छोटी सी नदी शुभवती अपने प्रवाह में बह रही थी। वह निरंतर अपनी धारा बढ़ाती जा रही थी और अपनी यात्रा को आगे बढ़ाने के लिए कठिनाइयों से लड़ रही थी। रास्ता में कई बड़ी पत्थरों की वजह से उसे आगे बढ़ने में बहुत परेशानी हो रही थी।

एक दिन, उसने देखा कि उसके पास एक बड़ा पत्थर था, जो उसे रास्ते से हटाना होगा। वह सोचने लगी कि वह कैसे इस बड़े पत्थर को हटा सकती है। लेकिन उसने आत्मविश्वास खो दिया और लड़ना छोड़ दिया।

कुछ दिनों बाद, उसे एक खुदरा और निराशा में पत्थर को देखा गया। उसने उसे पूछा, “तुम यहां क्यों खड़ा हो?” पत्थर ने उत्तर दिया, “मैं रास्ते में खड़ा हूँ क्योंकि मुझे लगता है कि मैं नदी को आगे बढ़ने से रोक रहा हूँ।”

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शुभवती नदी चिंतित हो गई और उसने पत्थर से कहा, “तुम मुझे रोक नहीं सकते, मैं ताकत और साहस से भरी हूँ। अगर तुम छोटे पत्थरों के साथ मिलकर मेरी सहायता करोगे तो हम साथ मिलकर बड़े पत्थर को हटा सकते हैं।”

इस पर पत्थर ने समझा कि एकल नहीं, एकता में ताकत होती है। वह दूसरे पत्थरों के साथ मिलकर बड़े पत्थर को हटाने में सफल रहे और शुभवती नदी को आगे बढ़ने की राह में कोई बाधा नहीं रही।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि जब हम साथ मिलकर काम करते हैं तो हम हर कठिनाई को पार कर सकते हैं। जीवन में सफलता पाने के लिए, हमें एकता, सहयोग और समर्पण की आवश्यकता होती है।

#2. छोटी सी बूढ़ी और दोस्ती

एक गांव में एक छोटी सी बूढ़ी बहुत ही आदर्शवादी और मित्रतापूर्ण थी। उसके पास न कोई संपत्ति थी और न ही कोई पददलित था, लेकिन उसके पास एक सच्चा दोस्त था। यह दोस्त था एक देसी कुत्ता, जिसका नाम चमेली था। बूढ़ी और चमेली हर दिन साथ में समय बिताते थे और एक दूसरे की सहायता करते थे।

एक दिन, बूढ़ी और चमेली ने साथ में एक पहाड़ी पर चढ़ने का फैसला किया। यह बड़ी मुश्किल की बात थी, लेकिन वे आपस में संगठित रहकर और एक दूसरे का साथ देते हुए अग्रसर हो गए। चमेली ने बूढ़ी को सहारा दिया, जबकि बूढ़ी ने चमेली को साथ रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने साथ मिलकर कठिनाइयों को पार किया और पहाड़ी के शीर्ष पर पहुंच गए।

यह दृश्य देखकर उन्होंने समझा कि जब दोस्ती और सहयोग मौजूद होता है, तो कोई भी कठिनाई नहीं है। यह दोस्ती और साथीत्व उन्हें नई ऊँचाइयों की ओर ले जाने का शक्ति देता है।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि सच्ची मित्रता और दोस्ती हमें हर संकट में बढ़ने की शक्ति देती है। जब हम अपने दोस्त के साथ संगठित रहते हैं और एक दूसरे का समर्थन करते हैं, तो हम अपार सामरिक, आत्मिक और मानसिक संघर्ष को जीत सकते हैं।

#3. तालाब का तालाबगार

एक गांव में एक छोटा-सा तालाब था। लोग उसे तालाब के लिए प्रशंसा करते थे, क्योंकि यह उनके जीवन का स्रोत था। तालाब में सुनहरे मेवे और नमकीन पानी के मछली थे, जो उन्हें समृद्ध करते थे।

एक बार, एक आदमी तालाब में एक बड़ा सांप देखा। वह चिंतित हो गया और उसने लोगों को सांप के बारे में बताया। सब लोग घबरा गए और तालाब को बंद करने की सोचने लगे।

लेकिन एक बच्चा ने कहा, “हमें देखना चाहिए कि क्या हालात होते हैं। सांप शायद हमारे लिए खतरा नहीं है।”

वह बच्चा तालाब के पास गया और देखा कि सांप एक गढ़े में अपने बच्चों की देखभाल कर रहा था। वह अपनी निगाहें घुमाते रहता था, ताकि कोई आगे न बढ़ सके।

बच्चा वापस आया और बताया, “सांप हमें नुकसान नहीं पहुंचा रहा है। यह तालाब का तालाबगार है, जो हमें सुरक्षा और संरक्षण प्रदान करता है। हमें इसे बंद नहीं करना चाहिए।”

यह कहानी हमें यह बताती है कि हमें अपने संकटों और चुनौतियों का सामना करना चाहिए और उन्हें ठीक से समझना चाहिए। कभी-कभी हमारे डर और आंधापन हमें आगे बढ़ने से रोक सकते हैं, लेकिन सत्य को जानने और सही निर्णय लेने से हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकते हैं।

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#4. गिरगिट की कहानी

बहुत समय पहले की बात है, एक छोटा सा गिरगिट एक जंगल में रहता था। वह अपनी सादगी और छोटे से आकार के बावजूद बहुत ही मेहनती था। जब भी वह अपनी जगह से उठता था, तो उसका लक्ष्य सदा अग्रदृष्टि के साथ आगे बढ़ना था। वह अपनी सामरिक क्षमताओं का पूरा इस्तेमाल करके शिकार करता था और अपनी परिश्रम के बल पर आश्चर्यजनक काम कर जाता था।

एक दिन, जब वह एक नदी के किनारे घूम रहा था, तो उसने एक सुंदर मेंढ़क को देखा। मेंढ़क एक बड़ा और शक्तिशाली जानवर था और उसकी शक्ति का आकर्षण गिरगिट के लिए बहुत था। वह देखता रह गया कि मेंढ़क कैसे लम्बे दौरों तक छलांग लगाकर नदी के दूसरे तरफ जा रहा था। इसे देखकर गिरगिट ने सोचा कि वह भी एक ऐसा कर सकता है।

गिरगिट ने मेंढ़क को नकारते हुए कहा, “मैं भी इसे कर सकता हूँ।” मेंढ़क हँसी में निकल गया और कहा, “तू जैसे छोटे से जीव क्या करेगा?” इस पर गिरगिट अपनी मेहनत, लगन, और संघर्ष दिखाते हुए कहा, “मैं चाहे छोटा हो लेकिन मेहनती हूँ और अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए संकल्पबद्ध हूँ।”

उसने अपनी सामरिक क्षमताओं का इस्तेमाल करके और लगातार प्रयास करते हुए धीरे-धीरे दौड़ रही और नदी के दूसरे तरफ पहुंच गई। मेंढ़क और दूसरे जानवरों ने उसे देखकर आश्चर्यचकित होकर उसे बधाई दी।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता केवल आपकी मेहनत पर निर्भर होती है। अपने लक्ष्यों की ओर दृष्टि रखते हुए, लगातार प्रयास करने और निरंतर संघर्ष करने से हम अपार सफलता को हासिल कर सकते हैं।

#5. अंधकार से प्रकाश की ओर

एक अँधेरे जंगल में एक छोटा दीपक जल रहा था। यह दीपक जंगल को प्रकाशित करने की कोशिश कर रहा था, लेकिन उसकी रोशनी बहुत कम थी। वह बहुत ही निराश हो गया और सोचा कि उसका कोई महत्व नहीं है।

लेकिन एक बार, वह एक महान वृक्ष के पास पहुंचा और उसने वृक्ष से पूछा, “क्या मैं इस अंधकार में भी कुछ कर सकता हूँ?”

वृक्ष ने कहा, “तुम अच्छे और उच्च विचारों के साथ जलो, और तुम्हारी रोशनी दुनिया को प्रभावित करेगी।”

दीपक ने वृक्ष की सलाह मानी और उसके साथ अच्छे विचार और सकारात्मकता से जलना शुरू की। उसकी रोशनी धीरे-धीरे बढ़ने लगी और जंगल उसकी प्रकाश से चमक उठा।

यह कहानी हमें यह बताती है कि हमारी सोच और विचार हमारी जीवन की रोशनी को प्रभावित कर सकते हैं। जब हम अपने मन को सकारात्मक विचारों और क्रियाओं से भरते हैं, तो हम अपनी प्रकाशित क्षमता को जागृत करते हैं और दूसरों को प्रेरणा देने में सक्षम होते हैं।

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#6. सिर्फ आपकी मेहनत

एक समय की बात है, एक गांव में एक गरीब लड़का रहता था। उसके पास कोई धन नहीं था, और न ही कोई खास विद्या या क्षमता। लेकिन उसकी मेहनत कभी टूटी नहीं। उसने हर दिन सुबह उठते ही अपने सपनों की ओर अग्रसर होने का निर्णय लिया।

लड़का ने सोचा, “धन और संपत्ति मेरे पास नहीं है, लेकिन मेहनत और संघर्ष का मैं पूरी कर सकता हूँ।” उसने बड़े उत्साह से किसानों की मदद करने का फैसला लिया। वह सुबह से लेकर रात तक मेहनत करता रहा, खेत में मिट्टी खुदाई करता और बीज बोता। उसने किसानों से सीखा, उनसे मेहनत की कहानियां सुनी और नई तकनीकों का इस्तेमाल करना सीखा।

बीते कुछ समय बाद, उसकी मेहनत और संघर्ष ने उसे फल दिखाना शुरू किया। उसके खेतों में अच्छी उपज होने लगी और उसकी मेहनत ने उसे सफलता दिलाई। उसने अपनी उपज को बाजार में बेचकर अच्छी कमाई की। धीरे-धीरे उसकी संपत्ति बढ़ने लगी और वह गरीबी से दूर हो गया।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि आपकी मेहनत आपकी सफलता का आधार होती है। धन, संपत्ति, या विद्या की कमी होने पर भी, अगर आप निरंतर मेहनत करते हैं और संघर्ष करते हैं, तो आप अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। सफलता की कुंजी सिर्फ और सिर्फ आपके पूरी मेहनत में छिपी होती है।

#7. सफलता की ऊंचाई

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक लड़का रहता था। उसका नाम राम था। वह गरीबी के बीच बड़ा हुआ और अपने माता-पिता की सहायता करता था।

राम का सपना था कि वह बड़े होकर एक मशहूर व्यापारी बने और दुनिया में अपनी पहचान बनाएं। लेकिन उसे अपने लक्ष्य की प्राप्ति के लिए काफी मेहनत करनी पड़ रही थी। वह लगातार पढ़ाई करता और अपनी क्षमताओं को सुधारने का प्रयास करता रहता।

जब राम जीवन में आगे बढ़ रहा था, तो उसे कई मुश्किलें आईं। वह अपनी व्यापारिक पहचान बनाने के लिए कई व्यापारिक विफलताओं का सामना करना पड़ा। लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी। उसने हर गिरावट को एक मौका माना और संघर्ष करके नई दिशा में आगे बढ़ा।

उसकी मेहनत, संघर्ष, और निरंतर प्रयास ने उसे उच्चाधिकारी के रूप में कामयाबी दिलाई। उसने व्यापार में अपनी पहचान बनाई और एक उच्च स्थान प्राप्त किया। उसका नाम व्यापारिक दुनिया में चर्चा का विषय बन गया।

यह कहानी हमें यह सिखाती है कि सफलता की ऊंचाई प्राप्त करने के लिए हमें मेहनत करनी पड़ती है। हमें संघर्ष करना, असफलता को हार मानना नहीं, और निरंतर प्रयास करना चाहिए। सफलता की ऊंचाई उनके लिए होती है जो मेहनत करते हैं, हिम्मत रखते हैं, और कभी नहीं हार मानते हैं।

#8. एक प्रेरणादायक माता-पिता

यह कहानी है एक छोटे से गांव में रहने वाले एक लड़के की, जिसके माता-पिता उसकी जीवन में अनोखी प्रेरणा के स्रोत थे। लड़का का नाम अमित था और उसके माता-पिता किसान थे।

अमित के माता-पिता दिन-रात मेहनत करते और अपने कठिनाईयों का सामना करते रहते थे। वे अपने खेतों में बहुत मेहनत करके उत्पादन करते थे, लेकिन समय-समय पर नाकामयाबियों का भी सामना करना पड़ता था। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और हर बार आगे बढ़ने के लिए मजबूती से लड़ा।

अमित की माता-पिता ने उसे अपनी मेहनत और संघर्ष का महत्व सिखाया। उन्होंने उसे यह बताया कि सफलता के लिए सिर्फ कठिनाईयों को नहीं, बल्क उनके सामने उठने वाले नए अवसरों को भी स्वीकार करना पड़ता है। वे उसे समय की कदर करने, निरंतर मेहनत करने, और अपने सपनों के पीछे पड़ जाने की प्रेरणा देते रहे।

अमित की मेहनत, लगन और उनके माता-पिता की संघर्ष भरी प्रेरणा ने उसे सफलता के शिखर पर ले जाया। उसने अपनी पढ़ाई में कमाल किया और अच्छे अंक प्राप्त किए। उसने अपने शौक को अपने पेशे में बदला और उच्चतम स्थान प्राप्त किया।

आज, अमित एक सफल व्यापारी बन गया है और उसकी माता-पिता को गर्व है कि उनके बेटे ने उनकी प्रेरणा को सच्चाई में बदला। वह संघर्षों से नहीं डरता और नए अवसरों को अपनाने के लिए हमेशा तत्पर रहता है।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि माता-पिता हमारे जीवन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनकी प्रेरणा, मार्गदर्शन और संघर्ष की कहानी हमें सच्ची मायने में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है। जब हमारे पास एक प्रेरणादायक माता-पिता होते हैं, तो कोई भी लक्ष्य असाध्य नहीं होता, और सफलता हमारे कदम चूमती है।

#9. संघर्ष से सफलता की ओर

यह कहानी है एक गरीब परिवार के बच्चे राहुल की, जो संघर्षों से भरी ज़िंदगी में सफलता की ओर आगे बढ़ना चाहता था। राहुल के पिता एक नौकरी में काम करते थे और माता-पिता बहुत मेहनत करके उन्हें पढ़ाई दिला रहे थे।

लेकिन राहुल के पास बड़ी मुश्किलें थीं। उनका परिवार आर्थिक रूप से कमजोर था और उन्हें अच्छी शिक्षा के लिए संघर्ष करना पड़ रहा था। वे एक छोटे से गांव में रहते थे, जहां अच्छे स्कूलों की कमी थी।

राहुल को इस स्थिति से बाहर निकलने का एक सपना था। वह सदियों से दीपावली के दिन खाली दिलचस्पी दिखाता था। वह हमेशा दीपावली की रोशनी और धूमधाम को देखकर प्रभावित होता था। राहुल जानता था कि सफलता के लिए उसको अपनी सीमाओं से पार निकलना होगा।

धीरे-धीरे, राहुल ने अपने शिक्षा में ध्यान देना शुरू किया। वह दूसरे गांवों जाकर अच्छे स्कूलों में प्रवेश पाया। लेकिन स्कूल शुरू करने के लिए भी धन की कमी थी। राहुल के माता-पिता ने अपनी सारी बचत उसकी पढ़ाई में लगा दी। वह छात्रवृत्ति प्राप्त करने के लिए मेहनत करता रहा।

राहुल ने आगे बढ़ते हुए बहुत संघर्ष किया। वह रात्रि के देर तक पढ़ता था, साइंस और गणित के सवालों पर विचार करता था, और स्कूल के दिनों में भी अत्यधिक मेहनत करता था।

अंततः, राहुल ने अपनी मेहनत और संघर्ष की वजह से अच्छे अंक प्राप्त किए और एक प्रमाणपत्र प्राप्त किया। उसने अपने माता-पिता को गर्व महसूस कराया और उन्हें खुशी दिलाई।

राहुल की सफलता उसके लिए बड़ी प्रेरणा स्रोत बनी। उसकी मेहनत और संघर्ष ने उसे सफलता की ओर आगे बढ़ाया। आज, राहुल एक उच्च शिक्षित व्यक्ति बन गया है और उसकी जीवन में सफलता और सम्मान है। उसकी कठिनाइयों का सामना करने का तारीका, उसकी मेहनत और धैर्य ने उसे इस मंजिल तक पहुंचाया।

यह कहानी हमें सिखाती है कि जब हम मेहनत करते हैं, तब हमें किसी भी संघर्ष से नहीं डरना चाहिए। सफलता की ओर आगे बढ़ने के लिए हमें अपनी क्षमताओं का उपयोग करना चाहिए और हर अवसर को एक चुनौती के रूप में देखना चाहिए। संघर्ष और मेहनत की शक्ति हमें सफलता की ऊंचाई पर ले जा सकती है।

#10. समय का महत्व

यह कहानी है एक बच्चे रवि की, जो बड़ा होकर एक महान वैज्ञानिक बनना चाहता था। रवि के पास अनेक सपने थे और उसकी ख्वाहिश थी कि वह ज्ञान के उच्चतम शिखर पर पहुंचे।

लेकिन रवि को एक बात नजर आती थी, वह देखता था कि उसका समय बहुत तेजी से बित रहा था। उसकी पढ़ाई और शिक्षा के लिए ज्यादा समय नहीं बचा था। वह परेशान हो गया और सोचने लगा कि क्या करना चाहिए।

फिर एक दिन, रवि को एक वैज्ञानिक से मिलने का मौका मिला। वह उसे अपनी समस्या बताने गया और कहा, “सर, मेरे पास इतना कम समय है कि मुझे डर लग रहा है कि मैं अपने सपनों को पूरा नहीं कर पाऊंगा।”

वैज्ञानिक ने मुस्कराते हुए कहा, “रवि, समय एक अनमोल धन है। तुम्हें यह समझना चाहिए कि तुम्हारे पास बहुत सारा समय है, बस उसे सही तरीके से बिताना सीखो।”

वैज्ञानिक ने रवि को सिखाया कि समय का उपयोग कैसे करना चाहिए। वह उसे योजना बनाने, लक्ष्य तय करने, और स्वयं को संगठित रखने की महत्वपूर्ण बातें सिखाया।

रवि ने वैज्ञानिक के बातों को अपनाया और समय की महत्वाकांक्षा से अपनी पढ़ाई में समर्पित हो गया। वह प्रतिदिन नियमित रूप से पढ़ाई करता था और समय के अनुसार अपने कार्यक्रम को आयोजित करता था।

धीरे-धीरे, रवि के पढ़ाई का स्तर बढ़ने लगा। उसने वैज्ञानिक बनने के लिए अनेक प्रयोग किए और नए अविष्कार किए। उसका समय अब उसके लिए सही रूप से बित रहा था।

अंततः, रवि ने अपने सपनों को पूरा कर लिया और महान वैज्ञानिक बन गया। उसका समय और मेहनत उसे सफलता की ऊंचाई पर पहुंचाया।

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#11. अजमेर की कठिनाई

अजमेर शहर राजस्थान राज्य के पश्चिमी भाग में स्थित है। यह एक प्राचीन और ऐतिहासिक शहर है, जिसमें अजमेर किला, ब्रह्मा तालाब और दरगाह शरीफ जैसे प्रमुख स्थान हैं। इसके अलावा, अजमेर में सूखड़ा झील और अनसागर झील भी हैं, जो पर्यटकों को आकर्षित करती हैं।

अजमेर की एक कठिनाई उसके तीर्थस्थलों की उच्च प्रवृत्ति और पर्यटन उद्योग के विकास में आई। पर्यटन उद्योग का विकास तो अच्छा है, लेकिन इसके साथ-साथ भूमिगत समस्याएं भी उत्पन्न हो गईं।

अजमेर के पास प्रवासी यात्रियों के बढ़ते हुए आंकड़े के कारण, शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर ने अपनी सीमाओं को पहुंचा दिया। पर्यटन स्थलों पर अधिक भीड़ और वाहनों की बाधा ने आस-पास की सड़कों को जाम कर दिया। साथ ही, इससे प्रदूषण की समस्या भी बढ़ गई है।

एक दिन, अजमेर के एक व्यापारी ने इन समस्याओं को देखा और सोचा कि वह इसे बदल सकता है। उसने अपने व्यापार को छोड़कर अजमेर की सामाजिक सेवा में जुट गया।

वह स्थानीय समुदाय को मोटरसाइकिल संचालित रिक्शा चलाने का विचार दिया। इससे पर्यटकों को शहर के चरम स्थानों तक पहुंचने में आसानी होगी और सड़कों पर वाहनों का यातायात कम होगा।

उसने आपात स्थितियों के लिए रिक्शाओं को सजग और तत्पर बनाने के लिए एक संगठन बनाया। वह रिक्शाओं को प्रशिक्षण और उनकी बाइक की सुविधा सुनिश्चित करता था।

इस पहल के कारण, अजमेर के पर्यटन क्षेत्र में सुधार हुआ। पर्यटक अब आसानी से दरगाह शरीफ, अजमेर किले और अन्य प्रमुख स्थानों तक पहुंच सकते थे। रिक्शाओं के उपयोग से प्रदूषण भी कम हुआ और यातायात आसान हो गया।

व्यापारी की इस पहल ने अजमेर की समस्याओं को हल किया और शहर को विकास की नई ऊंचाई पर ले जाया। उसका सामर्थ्य, सामरिकता और समर्पण उदाहरण बन गए और लोगों में नई प्रेरणा और जोश का संचार किया।

यह कहानी हमें सिखाती है कि संघर्ष के माध्यम से हम सफलता की ओर आगे बढ़ सकते हैं। जब हम समस्याओं को देखते हैं, तो हमें उन्हें हल करने के लिए कार्यक्रम बनाना चाहिए। अवसर को चुने, सामरिकता और समर्पण के साथ अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए संघर्ष करें। संघर्ष की मेहनत, समर्पण और सही दिशा में दृढ़ता से काम करते हुए हम सफलता की ओर बढ़ सकते हैं।

#12. दौड़ रही आगे

एक समय की बात है, एक गांव में एक लड़का नाम लक्ष्य रहता था। लक्ष्य एक अद्वितीय सोच रखने वाला युवा था और उसकी मनमानी दौड़ रही आगे बढ़ने की थी। उसे आगे बढ़ने का ख्वाब था और वह इसे पूरा करने के लिए अपनी पूरी शक्ति और मेहनत लगाने को तैयार था।

लक्ष्य के मन में एक आग जल रही थी, जो उसे चाहती थी कि वह अपने लक्ष्य की ओर धावा बोले। उसने सोचा कि उसकी दौड़ उसे उस ऊंचाई तक पहुंचाएगी जहां केवल कुछ ही लोग पहुंच पाते हैं।

लक्ष्य ने सोचा कि उसे अगर सफलता चाहिए तो उसे दौड़ते रहना होगा। वह अपने क्षेत्र में उच्चतम स्तर की शिक्षा प्राप्त करने के लिए संघर्ष करने लगा। उसने रात-दिन मेहनत की, अध्ययन किया और नई नई चुनौतियों का सामना किया।

लक्ष्य ने खुद को समर्पित कर दिया और उसकी मेहनत उसे अच्छे नतीजों से सम्मानित करने लगी। वह अपने क्षेत्र में एक मान्यता प्राप्त करने लगा और आगे बढ़ने का सफर जारी रखा।

लक्ष्य की दौड़ उसे एक दिन उस ऊंचाई तक पहुंचाई जहां उसने कभी सपने में भी सोचा नहीं था। उसकी मेहनत और समर्पण ने उसे सफलता की ओर ले जाया।

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि अगर हम दृढ़ संकल्प के साथ अपने लक्ष्य की ओर दौड़ते रहें और मेहनत से समर्पित हों, तो हम सफलता की ऊंचाई प्राप्त कर सकते हैं। दौड़ते रहने के बिना हम अपने लक्ष्य की ओर कभी नहीं जा सकते। इसलिए, लक्ष्य से दौड़ते रहें, मेहनत करें और सफलता को गले लगाएं।

#13. खुद को परखें

एक छोटे से गांव में एक गरीब लड़का नाम राजू रहता था। वह अपने परिवार के साथ गरीबी की लड़ाई लड़ रहा था, लेकिन वह आशा और सपनों से भरी था। उसे अपने जीवन की स्थिति से परेशानी होती थी, लेकिन वह इसे मजबूती और परिवर्तन का एक मौका समझता था।

राजू को एक दिन एक बुद्धिमान आदमी मिला, जिसका नाम विजय था। विजय ने राजू को बताया कि सफलता के रास्ते पर खुद को परखना बहुत महत्वपूर्ण होता है। वह राजू को कहा कि वह अपनी क्षमताओं, कौशल और नौकरी के लिए अपने आप को जांचे।

राजू ने विजय की सलाह स्वीकार की और उसे अपने जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में अपने आप को परखने लगा। उसने अपनी शिक्षा में सुधार किया, नए कौशल सीखे और अपनी क्षमताओं को मजबूत किया।

धीरे-धीरे, राजू के जीवन में परिवर्तन आने लगे। उसने एक नौकरी पाई, जिससे उसके परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत हुई। उसका आत्मविश्वास बढ़ा और उसकी सोच में प्रगति हुई।

आज, राजू अपने आप को परखने का महत्व समझता है। वह जानता है कि सफलता के रास्ते पर खुद की जांच और स्वीकार्यता करना आवश्यक है। उसने अपने सपनों को पूरा करने के लिए अपार मेहनत की और खुद को परखने के माध्यम से स्वयं को सुधारा।

यह कहानी हमें सिखाती है कि हमें अपने आप को परखने का साहस रखना चाहिए। जब हम खुद को परखते हैं, तो हम अपनी कमियों को पहचान सकते हैं और उन्हें सुधार सकते हैं। हमें खुद को स्वीकार करना चाहिए, अपनी क्षमताओं पर विश्वास करना चाहिए, और मेहनत करके स्वयं को सुधारने का संकल्प लेना चाहिए। इस तरह हम खुद की सीमाओं को पार करके सफलता की ऊंचाई प्राप्त कर सकते हैं।

#14. अधूरी कोशिश

एक गांव में एक छोटा सा बच्चा नाम राहुल रहता था। वह बहुत जिज्ञासु और समर्पित था। उसका एक सपना था कि वह एक पाठशाला में शिक्षा प्राप्त करेगा और एक शिक्षायात्री के रूप में सफलता की ऊंचाई प्राप्त करेगा।

राहुल ने अपनी कोशिशों की शुरुआत की और पठन-लेखन के लिए गुरुजी के पास जाना शुरू किया। गुरुजी ने उसे धैर्य और समर्पण के साथ पठन-लेखन सिखाया। राहुल अपनी कोशिशों के साथ पढ़ाई में लगा रहा था।

लेकिन कुछ समय बाद, राहुल के पिताजी का स्वास्थ्य खराब हो गया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। राहुल अपने परिवार की चिंता करते हुए अधूरी कोशिश करने में बंद हो गया। वह पढ़ाई छोड़ने को मजबूर हो गया और अपने पिताजी की देखभाल करने में समय बिताने लगा।

कुछ समय बाद, राहुल के पिताजी स्वस्थ हो गए और उन्होंने राहुल को पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने के लिए प्रेरित किया। राहुल ने अपनी अधूरी कोशिशों को फिर से शुरू किया। वह रात-दिन मेहनत करता और पठन-लेखन में अपना पूरा दिल लगाता।

आखिरकार, दिनों रातों की मेहनत और समर्पण के बाद, राहुल ने अपनी परीक्षाओं में उच्च ग्रेड प्राप्त की। उसकी अधूरी कोशिशें अंततः सफल हुईं।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि जीवन में सफलता को हासिल करने के लिए हमें अधूरी कोशिशों को छोड़ने की बजाय उन्हें बढ़ावा देना चाहिए। संघर्ष और परिश्रम के माध्यम से ही हम सफलता की ओर बढ़ सकते हैं। यदि हम अपनी कोशिशों को निरंतरता और समर्पण के साथ जारी रखें, तो हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ते रहेंगे और सफलता आपत्ति करेगी।

#15. जीत के लिए प्रयास

एक छोटे से गांव में रामनाथ नामक लड़का रहता था। वह बहुत ही जिज्ञासु और प्रतिभाशाली था। उसका एक सपना था कि वह खेल के क्षेत्र में महानता हासिल करेगा और राष्ट्रीय स्तर पर उन्नति प्राप्त करेगा।

रामनाथ का प्रिय खेल ताकतवर कुस्ती थी। वह अकेले घर के छत्ते पर हर दिन सुबह-सवेरे कुश्ती का अभ्यास किया करता था। उसकी मेहनत, समर्पण और प्रयास ने उसे कुश्ती में महारत हासिल करने का एक मौका दिया।

जब रामनाथ ने अपनी क्षेत्रीय कुश्ती में हरामट्ठा जीती, तो उसे राष्ट्रीय स्तर पर प्रतियोगिता में भाग लेने का अवसर मिला। वह अपने आप को तैयार करते हुए कठिनाइयों का सामना करने के लिए प्रतिस्पर्धा में भाग लिया।

रामनाथ ने अपने दृढ़ संकल्प, मेहनत और निष्ठा से प्रतियोगिता में दमखम दिखाया। उसकी टेक्निक, स्थायित्व और दृढ़ता ने उसे उन्नति के मार्ग पर ले जाया।

आखिरकार, रामनाथ ने राष्ट्रीय स्तर पर खेलते हुए अपनी सारी प्रतियोगिताएं जीत लीं। वह जीत के लिए अपने बेहतरीन प्रयासों की वजह से अद्वितीय बन गया। उसकी मेहनत, समर्पण और आत्मविश्वास ने उसे अपने सपनों की ओर ले जाकर उन्नति की ऊंचाइयों तक पहुंचा दिया।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि जीत के लिए प्रयास करना और उसमें समर्पण रखना आवश्यक होता है। हमें खुद को चुनौतियों के सामने स्थान देना और प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने का साहस रखना चाहिए। मेहनत, निष्ठा, और संघर्ष के माध्यम से हम अपने लक्ष्य की ओर प्रगति करते हैं और जीत की ओर बढ़ते हैं। जब हम अपने प्रयासों को सही दिशा देते हैं और निरंतरता से काम करते हैं, तो हम सफलता की ओर प्रगति करते हैं और जीत प्राप्त करते हैं।

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#16. समर्पण का महत्व

बहुत समय पहले की बात है, एक गांव में रामचंद्र नामक एक व्यापारी रहते थे। रामचंद्र एक आदमी थे जो हमेशा अपने कारोबार में नए कामों की तलाश में रहते थे। उन्हें सफलता की तलाश में नये नये विचार आते रहते थे।

एक दिन, रामचंद्र ने एक उद्यमी को देखा जो एक नया व्यापार शुरू करने के बारे में सोच रहा था। रामचंद्र ने उस उद्यमी को बुलाकर उसे विस्तार से सुना। उसे पता चला कि उसके पास एक बहुत ही अच्छा विचार है और वह उसे साकार करने के लिए संसाधनों की आवश्यकता है।

रामचंद्र ने अपने व्यापारिक संपर्कों से संपर्क करके संग्रह किए गए धन की मदद से उद्यमी की सहायता की। वह उसे पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ बिना किसी उत्तरदायित्व के समर्पित कर दिया।

वक्त बितते गया और उद्यमी अपने व्यापार में सफल हुआ। रामचंद्र ने समर्पण के महत्व को अनुभव किया। उसके साथी व्यापारियों ने उसे प्रशंसा की और उसका सम्मान किया। रामचंद्र ने स्वयं को खुद के कर्तव्य के साथ समर्पित किया और वह इसे अपने व्यापार की सफलता में पाया।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि समर्पण अपने कार्य में महत्वपूर्ण है। जब हम अपने काम को समर्पित करते हैं, तो हम उसे ऊँचाईयों तक ले जा सकते हैं। समर्पण अनुशासन, उत्साह, और निष्ठा के साथ आता है। जब हम एक काम में पूरी तरह समर्पित होते हैं, तो हम अपने लक्ष्य की प्राप्ति में सफल होते हैं।

#17. अकेले नहीं, मिलकर आगे बढ़ें

एक छोटे से गांव में राम रहता था। वह बहुत समर्थ और प्रतिभाशाली युवक था। उसका सपना था कि वह अपने गांव के सभी लोगों को आगे बढ़ाना चाहता था।

राम को यह देखकर दुःख होता था कि उसके गांव में बहुत सारे लोग अपने सपनों के पीछे पीछे भटक रहे थे, लेकिन कोई भी सफलता की ओर नहीं बढ़ रहा था। उसे एक दिन एक बुजुर्ग व्यक्ति मिला जिसका नाम गुरुदेव था।

राम ने गुरुदेव से अपनी चिंता बांटी और अपने सपनों को साकार करने का तरीका पूछा। गुरुदेव ने राम को कहा, “राम, तू अकेले नहीं है। तू अपने गांव के लोगों के साथ मिलकर आगे बढ़ सकता है।”

राम ने गुरुदेव के उपदेश को मान्यता दी और उसने अपने गांव के लोगों को एकत्र करने का निर्णय लिया। उसने एक सभा बुलाई और गांव के हर व्यक्ति को आमंत्रित किया।

सभा में पहुंचने पर राम ने सभी को अपने सपनों के बारे में बताया और उन्हें यह समझाया कि वे सभी एकजुट होकर मिलकर आगे बढ़ सकते हैं। वे अपने समूह में सहयोग और समर्पण को बढ़ावा देने लगे।

समय बितते गया और गांव में एक नया ऊर्जावान माहौल बन गया। लोग मिलकर अपने सपनों की ओर बढ़ रहे थे और राम की मेहनत और समर्पण की वजह से उनकी सफलता के कदम बढ़ रहे थे।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि अकेले हम कुछ नहीं कर सकते हैं, लेकिन जब हम मिलकर काम करते हैं, तो हम अपने सपनों को साकार कर सकते हैं। समर्पण और सहयोग की शक्ति हमें सफलता की ओर ले जाती है। जब हम अपने सपनों के लिए एकजुट होते हैं और एक-दूसरे का समर्थन करते हैं, तो हम असाधारण परिणाम प्राप्त कर सकते हैं।

#18. विपणन करने का सही तरीका

एक गांव में राजू नामक एक युवक रहता था। वह अपने गांव के मिट्टी के बने उत्पादों का विपणन करने के बारे में सोचता था। उसे यह पता था कि उसके गांव में अद्यात्मिक उत्पादों की मांग है, लेकिन उसे अपने उत्पादों को ठीक से विपणन करने का सही तरीका नहीं पता था।

राजू ने विपणन के बारे में अध्ययन किया और नई विचारधारा समझने के लिए कुछ प्रशिक्षण प्राप्त किए। उसे यह बात समझ में आई कि विपणन सिर्फ अद्यात्मिक उत्पादों की बिक्री नहीं है, बल्कि उत्पादों की मान्यता, मार्केटिंग और ग्राहक संचार को संभालने का एक व्यापारिक प्रक्रिया है।

राजू ने एक टीम बनाई और साथियों के साथ मिलकर नए विपणन योजनाओं का विकास किया। उन्होंने अद्यात्मिक उत्पादों की गुणवत्ता को बढ़ाने के लिए उत्पादों के पैकेजिंग, ब्रांडिंग, और प्रचार में नवीनीकरण किया।

राजू ने भी अपने उत्पादों की गुणवत्ता को दिखाने के लिए विभिन्न प्रदर्शनी और मेले में भाग लिया। उसने स्थानीय व्यापारियों और ग्राहकों के साथ संवाद स्थापित किया और उन्हें अपने उत्पादों के बारे में जागरूक किया।

राजू की मेहनत और उसकी टीम के संघर्ष ने उत्पादों को बाजार में उच्चतम स्तर पर ले जाया। राजू ने न सिर्फ अपने गांव की मिट्टी के उत्पादों को सफलता प्राप्त की, बल्कि उसने अपने सपनों को भी साकार किया।

इस कहानी से हमें यह सिख मिलती है कि विपणन करने का सही तरीका समझना और उसे अपनाना अपने व्यापार के लिए महत्वपूर्ण है। यह समर्थन और सहयोग के साथ आता है। विपणन के लिए नवीनीकरण, प्रचार, और ग्राहक संचार के लिए सही रणनीतियाँ अपनाना आवश्यक है। यह सफलता की ओर बढ़ने का मार्ग दिखा सकता है और आपके उत्पादों या सेवाओं को बाजार में असाधारण पहुंच दे सकता है।

19. संघर्ष से सफलता की गाथा

एक समय की बात है, एक गांव में एक युवा लड़का नाम धीरू रहता था। धीरू बचपन से ही संघर्ष करता रहा है, परंतु सबकुछ उसके सामर्थ्य के अनुसार नहीं हो रहा था। धीरू के परिवार में आर्थिक समस्याएं थीं और वह बचपन से ही कठिनाईयों का सामना कर रहा था। पढ़ाई के लिए भी संकट आ गया था क्योंकि उसके परिवार को उसकी शिक्षा की लागत उठाने में मुश्किल हो रही थी।

धीरू का सपना था कि वह अपने परिवार की समस्याओं को हल करेगा और सभी की मदद करेगा। उसकी यात्रा थोड़ी मुश्किलों से भरी थी, लेकिन वह निरंतर आगे बढ़ रहा था। उसने मेहनत की, संघर्ष किया और कठिनाइयों का सामना किया। धीरू ने किसानी के लिए एक छोटी सी जमीन ली और वहां परिवार के लिए फसल उगाने लगा। धीरू की मेहनत और लगन ने उसे सफलता की ओर ले जाने की शुरुआत की।

धीरू का प्रयास देखकर लोग उसे प्रेरित होने लगे। वे उसके संघर्ष की कहानी सुनने आने लगे और उसे आदर्श मानने लगे। धीरू ने अपने गांव के युवाओं के लिए आईटी ट्रेनिंग का एक केंद्र खोला और उन्हें नई रोशनी दी। वह लोगों को रोजगार और आय का स्रोत प्रदान करने लगा। धीरू के संघर्ष ने उसे संघर्ष से सफलता की ऊंचाई तक ले जाया।

यह कहानी हमें सिखाती है कि संघर्ष हमारी सफलता की ओर जाने का मार्ग होता है। जब हम कठिनाइयों का सामना करते हैं, तो हमारा अध्ययन, मेहनत और विश्वास हमें सफलता की ऊंचाई तक ले जाते हैं। संघर्ष हमें सामरिक बनाता है, हमारे अंदर की अद्भुत क्षमताओं को जागृत करता है और हमें असामान्य बनाने की शक्ति देता है। जब हम संघर्ष को स्वीकार करते हैं, तो हम अपने लक्ष्य की ओर बढ़ने के लिए अटल हो जाते हैं और अंततः सफलता प्राप्त करते हैं।

#20. सपनों की पारी

एक समय की बात है, एक छोटे से गांव में एक लड़की नाम रिया रहती थी। रिया बहुत ही संवेदनशील और सपनों से भरी हुई थी। उसके मन में बड़े-बड़े सपने थे, परंतु गांव की सांस्कृतिक परंपरा और आर्थिक हालातों के कारण उसे उन सपनों को साकार करने का अवसर नहीं मिल रहा था।

रिया की एक दिन स्कूल में एक प्रेरणादायक कहानी सुनने का मौका मिला। वह कहानी उसे सपनों की पारी के बारे में बताती थी। कहानी में एक छोटी सी लड़की अपने सपनों की पारी को साकार करने के लिए बहुत मेहनत करती है। उसे विपणन का सही तरीका सीखने का मौका मिलता है और उसके सपने वास्तविकता में बदल जाते हैं।

यह सुनकर रिया को भी सपनों की पारी साकार करने का नया उत्साह मिला। वह दृढ़ संकल्प लेती है कि वह अपने सपनों को पूरा करने के लिए कठिनाइयों का सामना करेगी। वह अपनी मेहनत और समर्पण से किसानों से सीखती है और उनकी मदद करती है।

रिया की मेहनत और संघर्ष ने उसे सफलता की ओर ले जाने का मार्ग दिखाया। उसने अपने गांव के उत्पादों का विपणन करना शुरू किया और वहां से सफलता के मुख्यालय तक पहुंच गई। उसके सपने ना सिर्फ पूरे हुए, बल्कि उसने अपने सपनों के साथ अपने गांव के लोगों को भी सशक्त बनाया।

यह कहानी हमें सिखाती है कि सपनों की पारी साकार करने के लिए हमें अपनी मेहनत और समर्पण के साथ आगे बढ़ना चाहिए। हमें विपणन का सही तरीका सीखना चाहिए और आगे बढ़ते समय दृढ़ संकल्प और सहयोग की आवश्यकता होती है। जब हम एकजुट होते हैं, तो हम सामरिक बनते हैं और हमारी साझी सफलता होती है।

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Q – कहानियो का हमारे जीवन में क्या महत्वा है ?

Ans. कहानिया हमें हमारी डेली लाइफ में आने वाली प्रोब्लेम्स का हल देती है

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