उज्‍जैन में घुमने की जगह (Ujjain Me Ghumne Ki Jagah)

1/5 - (1 vote)

स्वागत है दोस्तो आपका हमारी वेबसाइट Hindi Whiz में आज की इस पोस्ट में हम आपके लिए Ujjain Me Ghumne Ki Jagah  लेकर आए है। भारत का माध्यकालीन सौंदर्य और धार्मिक धरोहर का सफर अद्वितीय होता है, और उज्जैन, मध्यप्रदेश के मध्य-पश्चिम भाग में स्थित, इस सफर के लिए एक अत्यंत रुचिकर स्थल है। यह नगर केवल एक ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व का केंद्र नहीं है, बल्कि एक सुंदर और मनोहारी सौंदर्य से भरपूर है, जो यहाँ के प्राकृतिक सौंदर्य को दर्शनीय बनाता है।

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now
ALSO READ –

1. आ की मात्रा के शब्द
2. बादाम का हलवा रेसिपी
3. एनएसजी कमांडो कैसे बने

उज्जैन का अपना अपना महत्व है, और यह भगवान शिव के समर्पित है, जिनकी अद्वितीय भगवद् धारणा के लिए यहाँ के महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग का पूजन किया जाता है। जब आप उज्जैन आते हैं, तो महाकालेश्वर के दर्शन करना अपने जीवन की एक महत्वपूर्ण पूजा अनुभव होती है। धर्मिकता और आध्यात्मिकता के प्रति आपकी आस्था को यहाँ के वातावरण और धर्मिक आचरण से निष्प्रेरित कर देती है।

उज्जैन के पास ही सिमहसन गढ़ का स्थल है, जो भारतीय ऐतिहासिक कथाओं के अनुसार राजा भरत के बेटे राजा रिपु के राजमहल के रूप में प्रसिद्ध है। यहाँ के मनोहारी संग्रहणीय दीवारें, महल, और दरवाजे आपको मध्यकाल का माहौल महसूस कराते हैं और आपको उन समयों में ले जाते हैं, जब यह स्थल बड़े राजा-महाराजों के आदिवासी दरबारों की साक्षरता का गवाह रहा है।

Ujjain Me Ghumne Ki Jagah

उज्जैन में घूमने के दौरान, आपको विभिन्न धार्मिक स्थलों का भी दौर करना चाहिए, जैसे कि कालीदास मंदिर, आरती घाट, और विक्रमादित्य गुफा। ये स्थल आपको अपने मन, शरीर, और आत्मा की शांति और सुख की खोज में मदद करेंगे।

यदि आपका रूख प्राकृतिक सौंदर्य की ओर है, तो उज्जैन आपके लिए एक स्वर्ग है। कश्यप तलाब, नागजहिर जलवायु उद्यान, और बड़ी तालाब आपको एक अद्वितीय प्राकृतिक प्रदर्शनी प्रदान करते हैं। यहाँ के अलंकृत बाग-बगिचे आपको शांति और आनंद का अहसास कराते हैं।

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now

उज्जैन का भोजन भी एक अद्वितीय अनुभव होता है, जहाँ आपको महेश्वरी व्यंजन, राजगह्वारा, और पानीपुरी जैसे स्वादिष्ट खाद्यान्न का आनंद लेने का मौका मिलता है।

Best Place To Visit In Ujjain In Hindi

उज्जैन का यात्रा आपको भारतीय संस्कृति, इतिहास, और धार्मिकता के साथ साथ प्राकृतिक सौंदर्य का भी अद्वितीय संगम प्रदान करता है। यह एक अनुपम अनुभव है जो आपके जीवन को सार्थक बना सकता है, और यह वास्तविक एक पर्व बन जाता है। इसलिए, जब आप अपनी अगली यात्रा का विचार करें, तो उज्जैन को आपके लिए एक अत्यंत रुचिकर और मनोहारी स्थल के रूप में विचार करें, जहाँ आपका आत्मा और मन शांति पाते हैं और भारतीय संस्कृति का आनंद लेते हैं।

1. महाकालेश्वर मंदिर

महाकालेश्वर मंदिर
महाकालेश्वर मंदिर

महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन का सबसे प्रमुख और प्रसिद्ध धार्मिक स्थल है। यहाँ का महकालेश्वर ज्योतिर्लिंग देवों के देव, भगवान शिव के समर्पण का प्रतीक है। यहाँ एक अनूठा धार्मिक माहौल होता है और दर्शनीयता का महसूस होता है। महाकालेश्वर मंदिर के दर्शन करना उज्जैन में आने वाले पर्यटकों के लिए एक महत्वपूर्ण अनुभव होता है और यहाँ के धार्मिक आचरण और परंपराएँ आपकी आत्मा को छू लेती हैं।

ALSO READ – Top 10 South Indian Hindi Movie For Watch

2. राम घाट

राम घाट
राम घाट

शिप्रा नदी के किनारे स्थित राम घाट एक महत्वपूर्ण तीर्थ स्थल है जहाँ कुम्भ मेला के दौरान श्रद्धालु निर्मल स्नान करते हैं। यहाँ के पावन जल में स्नान करने से आत्मा को शुद्धि मिलती है और आपका दिल धन्यता से भर जाता है।

3. काल भैरव मंदिर

काल भैरव मंदिर
काल भैरव मंदिर

काल भैरव मंदिर भगवान शिव के एक उग्र स्वरूप को समर्पित है, और इसे उज्जैन की अद्वितीय रीति-रिवाजों और प्रथाओं के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के दर्शन और पूजा विधि अनूठी होती है और यहाँ के प्रसिद्ध काल भैरव का दर्शन एक धार्मिक अनुभव की तरह होते हैं।

4. हरसिद्धि मंदिर

हरसिद्धि मंदिर
हरसिद्धि मंदिर

हरसिद्धि मंदिर जगदेवी अन्नपूर्णा की देवीका है, और यहाँ आने वाले श्रद्धालु आशीर्वाद और आध्यात्मिकता की कमन करते हैं। मंदिर का वातावरण शांति और आनंद की खोज में आपकी मदद करता है।

5. सांदीपनि आश्रम

सांदीपनि आश्रम
सांदीपनि आश्रम

संदीपनि आश्रम एक प्राचीन आश्रम है जहाँ भगवान कृष्ण और सुदामा ने अपनी शिक्षा प्राप्त की थी। यह धार्मिक और ऐतिहासिक जड़ों की खोज में आत्मीयता और विचार करने के लिए एक शांत स्थल है।

ALSO READ – Share Market Mein Invest Kaise Karein 2024

6. विक्रम कीर्ति मंदिर

विक्रम कीर्ति मंदिर
विक्रम कीर्ति मंदिर

विक्रम कीर्ति मंदिर, जिसे सिंधिया ओरिएंटल रिसर्च इंस्टीट्यूट भी कहा जाता है, एक बड़े संग्रहालय का हिस्सा है, जिसमें उज्जैन के इतिहास और संस्कृति से संबंधित वस्त्रकला, हस्ताक्षर, और प्रदर्शन हैं।

7. बड़े गणेश मंदिर

बड़े गणेश मंदिर
बड़े गणेश मंदिर

बड़े गणेश मंदिर भगवान गणेश की विशाल मूर्ति के लिए प्रसिद्ध है, और यह भक्तों और पर्यटकों के लिए दर्शनीय स्थल है।

8. कालिदेह पैलेस और गार्डन

कालिदेह पैलेस और गार्डन
कालिदेह पैलेस और गार्डन

कालिदेह पैलेस और गार्डन एक द्वीप पर स्थित है जो शिप्रा नदी में है, और आरामदायक वातावरण के लिए एक सुंदर स्थल है और विश्राम के लिए एक शांतिपूर्ण वातावरण प्रदान करता है।

9. इस्कॉन मंदिर

इस्कॉन मंदिर
इस्कॉन मंदिर

इंटरनेशनल सोसाइटी फॉर कृष्ण कंशियसनेस के पास उज्जैन में एक खूबसूरत मंदिर है, जो भगवान कृष्ण और राधा को समर्पित है, और भक्तों और पर्यटकों को खींचता है।

10. चिंतामण गणेश मंदिर

चिंतामण गणेश मंदिर
चिंतामण गणेश मंदिर

चिंतामण गणेश मंदिर भगवान गणेश के समर्पित है और यह अपने शांतिपूर्ण वातावरण और जटिल वास्तुकला के लिए प्रसिद्ध है। यहाँ के दर्शन करने से शांति और सुख का अहसास होता है।

ALSO READ – Bharat Ko Upmahadweep Kyon Kaha Jata Hai

उज्जैन जाएं तो क्या-क्या खाएं?

उज्जैन गए तो आपको वहां के स्थानीय खाद्य पदार्थों का स्वाद जरूर सवादित करना चाहिए। यहां के प्रमुख आहार विकल्प में ‘पोहा’ सबसे प्रमुख है, जिसे उज्जैन में अकेले नहीं, बल्कि पूरे मध्यप्रदेश में भी पॉप्युलर माना जाता है। अगर आप अधिक मसालेदार खाना पसंद करते हैं, तो ‘देवासी दही वड़ा’ आपके लिए एक अच्छा विकल्प हो सकता है, जिसमें दही और वड़ा का स्वाद मिलता है। उज्जैन में ‘मक्खन बड़ा’ भी एक प्रसिद्ध खासीयत है, जिसे आपको ज़रूर प्रोब करना चाहिए।

1. उज्जैन का पोहा जरूर खाए

पोहा एक पॉप्युलर भारतीय फ़ूड है, और यह विभिन्न भागों में अपने अपने स्वाद के साथ पैन भर चुका है। उज्जैन, मध्यप्रदेश के प्रसिद्ध शहर, भी इस फ़ूड का एक विशेष प्रकार का निर्माण करता है जिसे “उज्जैन का पोहा” कहा जाता है। इस लेख में, हम उज्जैन के पोहे के बारे में विस्तार से जानेंगे।

उज्जैन का पोहा जरूर खाए
उज्जैन का पोहा जरूर खाए

पोहा की सामग्री:

उज्जैन का पोहा बहुत ही सामान्य और साधारण होता है, लेकिन इसका स्वाद अद्वितीय होता है। इसे बनाने के लिए आपको चावल के पोहे (चिवड़ा), प्याज, टमाटर, हरा धनिया, नमक, हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, अदरक, और नीबू के रस की आवश्यकता होती है।

2. उज्जैन की कचौरी जरूर खाए

उज्जैन की कचौरी जरूर खाए
उज्जैन की कचौरी जरूर खाए

भारतीय रसोई का अधिकांश भाग भिन्न-भिन्न प्रकार के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजनों से भरपूर होता है, और उज्जैन, मध्यप्रदेश के एक प्रमुख शहर की कचौरी इनमें से एक है। उज्जैन की कचौरी भारतीय रसोई की रचना को विशेष बनाने वाली एक पॉप्युलर और स्वादिष्ट नमकीन है जिसका स्वाद बेहद विशेष होता है।

3. उज्जैन का दाल बाफला जरूर खाए

उज्जैन का दाल बाफला जरूर खाए
उज्जैन का दाल बाफला जरूर खाए

मध्यप्रदेश के प्रमुख शहर उज्जैन का दाल बाफला एक प्रसिद्ध और स्वादिष्ट खासीयत है जो वहां के स्थानीय लोगों के बीच पसंद किया जाता है। यह एक प्रकार का गुजराती दाल-बाती की तरह दिखता है, लेकिन इसका स्वाद अद्वितीय होता है और यह एक स्वतंत्र खासीयत है।

4. उज्जैन का आलू बड़ा जरूर खाए

उज्जैन का आलू बड़ा जरूर खाए
उज्जैन का आलू बड़ा जरूर खाए

उज्जैन का आलू बड़ा एक प्रमुख मध्य प्रदेशी स्ट्रीट फूड है, जो मध्य भारत के उज्जैन शहर के चरक्षिणी बाजार में बड़ी पॉप्युलर है। यह एक प्रकार की दिलिशस और स्वादिष्ट नाश्ता है, जिसे आमतौर पर दोपहर के समय खाया जाता है। उज्जैन का आलू बड़ा के अलावा यहां के तड़के-वड़े और छोले भी मशहूर हैं।

उज्जैन के आलू बड़े की विशेषता उसके आलू और मूँग दाल के मिलने वाले बेहद स्वादिष्ट आचार के साथ होती है। आलू बड़े के लिए सबसे पहले आलू को उबाला जाता है और फिर उन्हें मूँग दाल के साथ मिलाकर एक मसाला बनाया जाता है। इस मसाले को दिल से मिलाकर आलू के बड़े के अंदर डाला जाता है और फिर उन्हें तला जाता है, ताकि वे सुफलता होकर सुंदर सुनहरे रंग के हो जाएं।

5. उज्जैन का मक्खन बड़ा जरूर खाए

उज्जैन का मक्खन बड़ा जरूर खाए
उज्जैन का मक्खन बड़ा जरूर खाए

उज्जैन का ‘मक्खन बड़ा’ एक प्रसिद्ध और लोकप्रिय स्थानीय खाद्य पदार्थ है, जो यहां के खाने के सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है। यह एक प्रकार का देसी ग्वालियों का शुद्ध मक्खन (बटर) होता है, जिसे विशेष तरीके से बनाया जाता है। मक्खन बड़ा की प्रमुख सामग्री मक्खन, मैदा, चावल का आटा, और खाद्य रंग होता है।

ALSO READ – Sabse Accha Mobile Phone Kharidne Ka Tarika 2024

महाकाल की नगरी उज्जैन में कैसे पहुंचे?

यहां हरिद्वार, नासिक, और प्रयाग के साथ मिलकर सिंहस्थ कुम्भ मेला का आयोजन होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालु भगवान की भक्ति करने आते हैं। इस लेख में, हम आपको बताएंगे कि कैसे आप महाकाल की नगरी उज्जैन पहुंच सकते हैं और वहां के महत्वपूर्ण स्थलों का दौरा कैसे कर सकते हैं।

1. ट्रेन से पहुँचें

ट्रेन से पहुँचें
ट्रेन से पहुँचें

उज्जैन पहुँचने के लिए सबसे सुविधाजनक तरीका रेल मार्ग है। उज्जैन रेलवे स्थानक भारतीय रेलवे के सबसे महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है, और यह अच्छी तरह से कनेक्ट होता है। आप उज्जैन रेलवे स्थानक से कई ट्रेनों का उपयोग करके यहां पहुँच सकते हैं।

2. हवाई जहाज द्वारा

हवाई जहाज द्वारा
हवाई जहाज द्वारा

उज्जैन का निकटतम विमानक्षेत्र देवी आहिल्याबाई होलकर विमानक्षेत्र (इंदौर) है, जो उज्जैन से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आप इस विमानक्षेत्र के माध्यम से उज्जैन पहुँच सकते हैं और फिर वहां से टैक्सी या बस सेवाओं का उपयोग करके उज्जैन जा सकते हैं।

3. बस या अपने वाहन से पहुँचें

बस या अपने वाहन से पहुँचें
बस या अपने वाहन से पहुँचें

अगर आप अपने वाहन का उपयोग करना पसंद करते हैं, तो आप उज्जैन तक अपने कार, बाइक या अन्य वाहन से पहुँच सकते हैं। उज्जैन का सड़क परिवहन बड़ा अच्छा है और आप आसानी से यहां पहुँच सकते हैं।

ALSO READ – Khoya Hua Mobile Kaise Dhundhe

उज्जैन घूमने का सबसे अच्छा समय कब है?

मालमास के दौरान: उज्जैन के पवित्र स्थलों में यात्रा करने के लिए सबसे अच्छा समय मालमास के दौरान होता है। मालमास एक हिन्दू पंचांग के अनुसार एक महीने की अवधि होती है और इस दौरान तीर्थ यात्रा करने का महत्व अधिक माना जाता है। उज्जैन के मालमास के दौरान, कुंभ मेला आयोजित होता है, जिसे कुंभ पुनः प्राप्ति का स्नान कहा जाता है। इस मेले में लाखों पिगंबर यात्री इस पवित्र स्नान के लिए आते हैं।

पूर्णिमा: उज्जैन के तीर्थ स्थलों की यात्रा पूर्णिमा के दिन करने का भी विशेष महत्व है। पूर्णिमा के दिन, माँ अनपूर्णा देवी का पूजन किया जाता है, और यह दिन तीर्थ यात्रा करने के लिए आपको अद्वितीय अनुभव प्रदान कर सकता है।

माघ मास: माघ मास (जनवरी-फरवरी) भी उज्जैन की यात्रा करने के लिए अच्छा समय माना जाता है। इस मास में जल स्नान करने का विशेष महत्व होता है, और यह मास माँ महाकालेश्वर की पूजा के लिए भी बड़ा महत्वपूर्ण है।

श्रावण मास: श्रावण मास (जुलाई-अगस्त) भी उज्जैन में तीर्थ यात्रा करने के लिए बड़ा उपयुक्त समय होता है। इस मास में भगवान शिव की पूजा का विशेष महत्व होता है, और भगवान शिव की आराधना करने के लिए लाखों श्रद्धालु उज्जैन आते हैं।

इन सभी समयों पर उज्जैन की यात्रा करने से आपको धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टि से अत्यधिक लाभ हो सकता है। यहाँ पर ध्यान देने योग्य बात है

उज्जैन के ये स्थल पूरे शहर की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहर का हिस्सा हैं और यहाँ के लोगों के लिए महत्वपूर्ण हैं। ये स्थल यात्री और पर्यटकों के लिए धर्म, भक्ति, और प्राकृतिक सौंदर्य का मिश्रण प्रदान करते हैं, जिससे उज्जैन एक शहर है जो इतिहास, भक्ति और प्राकृतिक सौंदर्य का संघ देता है।

मै अशा करूँगा की आपको हमारी आज की पोस्ट अच्छी लगी होगी अगर आपको हमारी आज की पोस्ट अच्छी लगी है तो इसे अपने दोस्तों के साथ शेयर जरूर करे और हमारी वेबसाइट को पिन करना मत भूलिएगा जिससे आपको लेटेस्ट न्यूज़ एंड उपदटेस मिलते रहे और आप किसी न्यूज़ को मिस न कर पाये।

Q – उज्जैन किस प्रदेश में स्थित है?

Ans. भारत का माध्यकालीन सौंदर्य और धार्मिक धरोहर का सफर अद्वितीय होता है, और उज्जैन, मध्यप्रदेश के मध्य-पश्चिम भाग में स्थित है।

Q – उज्जैन की यात्रा करने के लिए कितने दिन पर्याप्त हैं?

Ans. उज्जैन की यात्रा की सही अवधि 2 दिन की यात्रा है। आप शहर के स्थलों और आसपास के पर्यटन के सभी स्थलों का भी आनंद ले सकते हैं।

Q – उज्जैन में देखने के लिए मुख्य पर्यटक स्थल कौन-कौन से हैं?

Ans. उज्जैन में देखने के लिए मुख्य पर्यटन स्थलों में शामिल है विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर, काल भैरव मंदिर, राम घाट, कालियादेह पैलेस, पीर मत्स्येन्द्रनाथ, हरसिद्धि मंदिर, जंतर मंतर, कुंभ उत्सव, भर्तृहरि गुफा आदि।

Q – उज्जैन का खान-पान कैसा है?

Ans. उज्जैन में आपको शाकाहारी भोजन ही आसानी से उपलब्ध होगा। उज्जैन के लोकल फेमस पकवानों की बात करें तो पोहा, मालपुआ, पेड़े, आदि आते हैं।

WhatsApp Group (Join Now) Join Now
Telegram Group (Join Now) Join Now

Leave a Comment